Kabir Das की हिंदी पुस्तकें | Books of Kabir Das in Hindi PDF

कबीर Kabir Das की हिंदी पुस्तकें | Books of Kabir Das in Hindi PDF


Kabir Das की हिंदी पुस्तकें | Books of Kabir Das in Hindi PDF


कबीर या भगत कबीर 15वीं सदी के भारतीय रहस्यवादी कवि और संत थे। वे हिन्दी साहित्य के भक्तिकालीन युग में ज्ञानाश्रयी-निर्गुण शाखा की काव्यधारा के प्रवर्तक थे। इनकी रचनाओं ने हिन्दी प्रदेश के भक्ति आंदोलन को गहरे स्तर तक प्रभावित किया। उनके लेखन सिक्खों के आदि ग्रंथ में भी मिला जा सकता है।
वे हिन्दू धर्म व इस्लाम के आलोचक थे। उन्होंने सामाजिक अंधविश्वास की निंदा की और सामाजिक बुराइयों की सख़्त आलोचना की थी।उनके जीवनकाल के दौरान हिन्दू और मुसलमान दोनों ने उन्हें अपने विचार के लिए धमकी दी थी।
कबीर पंथ नामक धार्मिक सम्प्रदाय इनकी शिक्षाओं के अनुयायी हैं।
Kabir also known as Kabir Das and Kabira, was born and brought up in a Muslim weavers family by Niru and Nima. He was a mysticpoet and a musician and was one of the important saints of Hinduism and also considered a Sufi by Muslims. He is respected by HindusMuslims and Sikhs. He was a disciple of Ramananda. He was never formally educated and was almost completely illiterate. According to legend, the only word that he ever learned how to write was "Rama".
Kabir with a disciple.
Born1440
Varanasi (Benares), India,
Died1518
Maghar Gorakhpur.
शिष्यों ने उनकी वाणियों का संग्रह " बीजक " नाम के ग्रंथ मे किया जिसके तीन मुख्य भाग हैं : साखी , सबद (पद ), रमैनी
  • साखी: संस्कृत ' साक्षी , शब्द का विकृत रूप है और धर्मोपदेश के अर्थ में प्रयुक्त हुआ है। अधिकांश साखियाँ दोहों में लिखी गयी हैं पर उसमें सोरठे का भी प्रयोग मिलता है। कबीर की शिक्षाओं और सिद्धांतों का निरूपण अधिकतर साखी में हुआ है।
  • सबद गेय पद है जिसमें पूरी तरह संगीतात्मकता विद्यमान है। इनमें उपदेशात्मकता के स्थान पर भावावेश की प्रधानता है ; क्योंकि इनमें कबीर के प्रेम और अंतरंग साधना की अभिव्यक्ति हुई है।
  • रमैनी चौपाई छंद में लिखी गयी है इनमें कबीर के रहस्यवादी और दार्शनिक विचारों को प्रकट किया गया है।
  • Circumcised or not, Kabir was officially a musalman, though it appears likely that some form of Nathism was his ancestral tradition. This alone would explain his relative ignorance of Islamic tenets, his remarkable acquaintance with Tantric-yoga practices and his lavish use of its esoteric jargon [in his poems]. He appears far more conversant with Nath-panthi basic attitudes and philosophy than with the Islamic orthodox tradition.
    — Charlotte Vaudeville on Kabir (1974)


1.कबीर जीवनी – अभिलास दास | Kabir Jivni ( Kabir Biography )
पुस्तक के लेखक : kabir
पुस्तक का साइज : 0.61 MB
कुल पृष्ठ : 1

2. भजन संग्रह | Bhajan Sangrah

पुस्तक के लेखक : kabir
कुल पृष्ठ : 109

3. मुक्तिद्वार | Muktidwar

पुस्तक के लेखक : kabir
पुस्तक का साइज : 32.2 MB
कुल पृष्ठ : 785


4. कबीर और जायसी | Kabir Aur Jaysi

पुस्तक के लेखक : kabir
पुस्तक का साइज : 5.9 MB

पुस्तक के लेखक : kabir
पुस्तक का साइज : 20.9 MB
पुस्तक का साइज : 5.9 MB

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